हरियाणा में इन किसानों की हुई चांदी, अब सरकार की इस योजना के तहत मिलेंगे 4500 रुपये प्रति एकड़
इस संबंध में जानकारी देते हुए कृषि उपनिदेशक राजबीर सिंह ने बताया कि इस योजना को हरियाणा के 12 जिलों में शुरू किया गया है, जिसमें हिसार जिला भी शामिल है

Haryana News: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसल विविधीकरण एवं जल संरक्षण प्रोत्साहन योजना के तहत किसानों को धान की सीधी बिजाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न मदों में सहायता का प्रावधान किया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए कृषि उपनिदेशक राजबीर सिंह ने बताया कि इस योजना को हरियाणा के 12 जिलों में शुरू किया गया है, जिसमें हिसार जिला भी शामिल है। उन्होंने बताया कि जिले में 10,000 एकड़ में धान की सीधी बिजाई के लिए 4.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
धान की सीधी बिजाई के लिए प्रत्येक किसान को 4,500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। किसान प्रोत्साहन राशि के लिए कोई अधिकतम क्षेत्र सीमा नहीं है। इच्छुक किसानों को जुलाई तक मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।

कृषि उपनिदेशक ने बताया कि समिति के सत्यापन के बाद संबंधित किसानों के खातों में राशि जमा कर दी जाएगी। किसानों की जानकारी के लिए 10,000 एकड़ में धान की सीधी बिजाई के लिए 4,500 रुपये जारी किए गए हैं। हिसार व हांसी उपमंडलों द्वारा धान की सीधी बिजाई के लिए 40 प्रशिक्षण शिविर लगाने के लिए 4 लाख रुपए आवंटित किए गए हैं।
प्रति मशीन 40 हजार रुपए की सब्सिडी भी दी जाएगी
सहायक कृषि अभियंता ने बताया कि इसके अलावा, 40 डीएसआर मशीनों पर 40 हजार रुपए प्रति मशीन की सब्सिडी दी जाएगी, जो 25 हजार से 15 हजार रुपए एसएमएएम की दो योजनाओं के तहत उपलब्ध होंगी। इसके लिए किसानों के पास ट्रैक्टर की वैध आरसी होनी चाहिए तथा किसानों ने पिछले तीन वर्षों में मशीन सब्सिडी पर नहीं दी हो।
धान की सीधी बिजाई तकनीक से समय, पानी, ऊर्जा व पर्यावरण की बचत होती है। इससे किसानों को आर्थिक लाभ तो होता ही है, साथ ही पर्यावरण की भी रक्षा होती है। उन्होंने किसानों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने को कहा।










